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About

Mission

संविधान द्वारा स्थापित अधिकारो के अनुरक्षण तथा कर्तव्यों के राग-द्वेष रहित सम्यक परिपालन हेतु ''धार पुलिस" सामाजिक सरोकारों के साथ उन्नति के पथ पर निरन्तर अग्रसर है। सम्पूर्ण जिले मे अपने थानों और चौकियों के साथ धार पुलिस तंत्र आधुनिक प्रोधोगिकी ज्ञान के साथ अपराध की जड़ पर सख्त रोक तथा सामाजिक कार्यों को मृदुल संरक्षण देने की ओर प्राथमिकता से कार्य कर रहा है। विधि के प्रति जनता में सम्मान उपजाना, जीवन व सम्पत्तियों की सुरक्षा के लिए पूर्वाग्रह रहित प्रयत्न करना, धार पुलिस का उददेष्य है। समय के साथ व्यवहारिक तथा उपयोगी सामुदायिक सुझावों के साथ, कार्यो मे वांधनीय सुधार लाकर वास्तविक जनसेवा कर सकें, धार पुलिस की यही आकांक्षा भी है।

About us

धार रियासत में, 1872 तक पुलिस बल रियासत की सेना का एक ही अन्ग था। पुलिस का समस्त कार्य फौजी तथा ग्रामीण चौकीदारों द्वारा किया जाता था। उसी वर्ष धार नगर की रक्षा के लिये 30आदमियों का एक निकाय गठन किया गया था। उन्हें वर्दियाँ दी गई तथा उन्हें नगर कोतवाल जो पुलिस मजिस्ट्रेट भी था, के अधीन रखा गया था। 1874 में उनकी संख्या में वृद्धि हुई तथा उन्हें ब्रिटिश इण्डिया से प्रतिनियुक्ति पर आये एक प्रशिक्षित अधीक्षक के अधीन रखा गया था। पुलिस की संस्था में कुछ और वृद्धि कर कमासदार के अधीन परगना मुख्यालय में नियुक्त किया गया। 1874 में पुलिस बल पर 28,954 रू. व्यय किये गये। वर्ष 1893 में पुलिस एक पृथक निकाय के रूप में स्थापित हो गया। नियमित पुलिस की स्थापना के पूर्व मालवा में ग्रामीण चौकीदार तथा निमाड़ मे मनकार ग्रामो में पुलिस का कार्य करते थे। ग्रामीण चौकीदार का पद बाद तक वंशानुगत ही था जिसके अनुसार कुछ मामलों में उन्हें प्रतिफल भूमि के रूप में मुक्त अनुदान दिया जाता था। नियमित पुलिस स्थापना के पश्चात् चौकिदारों को ग्रामीण पुलिस के रूप में विभाग के अन्तर्गत भरती मान लिया गया था। 1905-06 में धार रियासत में पुलिस बल में 1 अधीक्षक तथा 1 सहायक अधीक्षक, 1 इन्सपेक्टर, 11 सब इन्स्पेक्टर, 14 हेड कान्स्टेबल, 265 कान्स्टेबल, 15 घुड़सवार पुलिस तथा 317 ग्रामीण पुलिस के रूप में सम्मिलित थे तथा पुलिस बल पर कुल व्यय 42,271 रू. किया गया था। वर्ष 1931-32 में पुलिस बल पर कुल व्यय 76,539 रू. था। वर्ष 1940-41 में रियासत में 11 पुलिस थाने थे तथा अधीनस्थ पुलिस बल में 1 न्यायिक इन्स्पेक्टर, 2 सर्किल इन्स्पेक्टर, 17 सब-इन्स्पेक्टर, 35 हेड कान्स्टेबल तथा 318 कान्स्टेबल शामिल थे, कानून तथा व्यवस्था की पद्धति, विशेष रूप से केन्द्रीय प्रान्तों में, प्रचलित ब्रिटिश इण्डिया के नियम एवं विनियम के अनुसार थी। अप्रैल 1945 में पुलिस विभाग के कार्य निष्पादन के लिये धार रियासत पुलिस पुस्तिका प्रकाशित की गई थी। उसी वर्ष 12 पुलिक चौकियों, 2 बाहरी नाकों तथा, 20 चौकियों में पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस बल में एक पुलिस अधीक्षक, एक पुलिस उप अधीक्षक, दो पुलिस निरीक्षक, एक पर्यवेक्षक इन्स्पेक्टर, 19 सब इन्स्पेक्टर, 37 हेड कान्स्टेबल तथा 384 कान्स्टेबल शामिल थे। 1948 में मध्य भारत के निर्माण के पश्चात् प्रत्येक जिला की पुलिस बल एक इकाई के रूप में गठित की गई जो जिला अधीक्षक, जो पुलिस महानिरीक्षक के अधीनस्थ था, के द्वारा संचालित तथा नियंत्रित की जाती थी तथा संवत 2005 (1948 ईसवी सन्) के पुलिस अध्यादेष के द्वारा पुलिस बल का नियंत्रण किया जाता था जो पुलिस बल के एकीकृत संगठन के लिये बनाया गया था।|

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